विश्व सेवा संघ, संवाददाता शरदेन्दु त्रिपाठी
शोहरतगढ़। क्षेत्र में 14 अप्रैल 2026 को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस अवसर पर प्रस्तावित भव्य शोभायात्रा एवं जनसभा कार्यक्रम को प्रशासन ने अनुमति प्रदान कर दी है। उपजिलाधिकारी विवेकानन्द मिश्रा द्वारा आयोजक अरुण कुमार भारती (जिला कोषाध्यक्ष, भारतीय बौद्ध महासभा) के आवेदन पर अनुमति जारी की गई है, जिससे आयोजकों और समर्थकों में उत्साह का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंबेडकर जयंती के मौके पर लगभग 5000 लोगों की सहभागिता के साथ एक विशाल जुलूस निकाला जाएगा। यह शोभायात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी और अंत में छतहरा स्थित शिव शंकर ढाबा के सामने मैदान में पहुंचकर एक विशाल जनसभा में परिवर्तित हो जाएगी। जनसभा में सामाजिक समरसता, संविधान की मूल भावना और डॉ. अंबेडकर के विचारों पर प्रकाश डाला जाएगा।
प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति देते हुए कई सख्त शर्तें भी लागू की हैं, जिनका पालन करना आयोजकों के लिए अनिवार्य होगा। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जुलूस में किसी भी प्रकार का हथियार या आपत्तिजनक सामग्री नहीं लाई जाएगी। साथ ही, किसी भी तरह की भड़काऊ नारेबाजी, भाषण या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।
इसके अलावा सार्वजनिक और निजी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना आयोजकों की जिम्मेदारी होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनमें निर्धारित ध्वनि सीमा का कड़ाई से पालन करना होगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम के दौरान विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन अनिवार्य रहेगा, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
उपजिलाधिकारी ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर शर्तों का उल्लंघन पाया गया या शांति व्यवस्था प्रभावित हुई, तो अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी जाएगी और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। शोहरतगढ़ थाना प्रभारी नवीन सिंह को पर्याप्त पुलिस बल के साथ निगरानी रखने और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर पुलिस की तैनाती के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष नजर रखी जाएगी।
अंबेडकर जयंती के इस आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है। सामाजिक संगठनों द्वारा इसे ऐतिहासिक और प्रेरणादायक बनाने की तैयारी की जा रही है, जिससे डॉ. अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।