सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश। ग्राम पंचायतों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ग्राम प्रशासकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला मुख्यालय पर उप निदेशक पंचायत (डिप्टी डायरेक्टर पंचायत) से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्रा ने किया। इस दौरान पंचायत विकास एवं प्रशासनिक कार्यों से संबंधित पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने के लिए नए कार्यों की स्वीकृति प्रदान की जाए तथा पूर्व में पूर्ण किए जा चुके कार्यों का लंबित भुगतान जल्द कराया जाए। ग्राम प्रशासकों का कहना था कि भुगतान में देरी के कारण कई विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं और पंचायत स्तर पर आवश्यक कार्यों के संचालन में कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।
ज्ञापन में ग्राम प्रशासकों के मानदेय भुगतान, पंचायत प्रशासन से जुड़ी लंबित समस्याओं के समाधान तथा ग्राम पंचायतों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पंचायत स्तर पर अनेक महत्वपूर्ण कार्य लंबित हैं, जिससे ग्रामीण विकास की गति प्रभावित हो रही है।
उप निदेशक पंचायत ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और सभी बिंदुओं पर नियमानुसार विचार कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पंचायतों के विकास और प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए विभाग सकारात्मक दृष्टिकोण से कार्य करेगा।
इस अवसर पर प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्रा के साथ ताकिब रिजवी, राघवेन्द्र मिश्र, प्रदीप चौरसिया, व्यास पाण्डेय, प्रदीप चौधरी, अरविन्द तिवारी, प्रभु यादव, बबलू चौबे, पारस यादव, शिवेन्द्र दुबे, सोनू यादव, यशोदानन्दन सहित अनेक ग्राम प्रशासक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
