विश्व सेवा संघ, संवाददाता शरदेन्दु त्रिपाठी
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर। तहसील सभागार शोहरतगढ़ में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में फरियादियों की समस्याओं की सुनवाई की गई। इस दौरान शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
सदर लेखपाल अवधेश द्वारा गलत आख्या प्रस्तुत करने पर जिलाधिकारी ने उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं आवासीय पट्टे की फाइल लंबित रखने के मामले में नाजिर प्रदीप कुमार पर भी कार्रवाई के आदेश दिए गए।
समाधान दिवस में मौजूद पुलिस अधीक्षक अभिषेक महाजन के साथ डीएम ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी कर्मचारी या राजस्व कर्मी द्वारा रिश्वत लेकर कार्य करने की शिकायत मिली, तो उसे तत्काल निलंबित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि फरियादियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और उनकी समस्याओं का पारदर्शी व समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इस दौरान कुल 47 प्रकरण सामने आए, जिनमें से 44 मामले राजस्व विभाग से संबंधित थे। इनमें से 6 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
समाधान दिवस में विभिन्न प्रकार की शिकायतें भी दर्ज की गईं। सीतारामपुर निवासी रविन्द्र कुमार ने गांव में वर्षों से संपर्क मार्ग न बनने तथा निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी का मुद्दा उठाया। ढेबरूआ थाना क्षेत्र की दुल्हनिया साहिता ने घर में चोरी और रास्ता अवरुद्ध किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। झरूआ निवासी प्रधान वीरेंद्र जैसवाल ने ग्राम समाज की भूमि पर निर्माण कार्य में बाधा डाले जाने का आरोप लगाया।
इसके अतिरिक्त नगर पंचायत शोहरतगढ़ के हिमांशु गुप्ता ने मुख्यमंत्री युवा उद्योग योजना के तहत स्वीकृत ऋण में बैंक द्वारा अनावश्यक देरी की शिकायत की। वहीं राजेंद्र गौतम ने जमीन के बैनामे के नाम पर धनराशि लेकर वापस न करने और धमकी देने का मामला उठाया।
समाधान दिवस में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, पुलिस अधीक्षक अभिषेक महाजन, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, सीएमओ रजत चौरसिया, एसडीएम विवेकानंद मिश्रा, सीओ मयंक द्विवेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
