विश्व सेवा संघ, संवादसूत्र
लखीमपुर खीरी। शारदानगर थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत के दौरान एक 26 वर्षीय युवक की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। युवक की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक की तबीयत न्यायालय ले जाते समय अचानक बिगड़ी थी और उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था युवक
जानकारी के अनुसार, शारदानगर थाना क्षेत्र के मूलचंद्रपुरवा गांव निवासी शिवकुमार (26) को रविवार को एक युवती से बातचीत की शिकायत के संबंध में पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद पुलिस ने शांतिभंग की आशंका के तहत शिवकुमार का भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की संबंधित निवारक कार्रवाई के अंतर्गत चालान कर दिया। पुलिस का कहना है कि चालान से पहले उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया था, जिसमें कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या सामने नहीं आई थी।
पुलिस का दावा, रास्ते में बिगड़ी तबीयत
पुलिस के अनुसार, थाने के सीसीटीवी फुटेज में शिवकुमार रविवार सुबह लगभग 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक अपने परिजनों के साथ थाने में मौजूद दिखाई देता है। इसके बाद उसे एक पीआरडी जवान के साथ न्यायालय भेजा गया। पुलिस का दावा है कि रास्ते में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसके मुंह से झाग निकलने लगे। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उपचार के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप, सड़क किनारे बेहोश मिला युवक
मृतक के भाई हरगोविंद ने बताया कि रविवार दोपहर करीब तीन बजे पुलिस की ओर से फोन कर बताया गया कि शिवकुमार का चालान कर दिया गया है और जमानत की प्रक्रिया पूरी कर लें। उनका कहना है कि कुछ देर बाद फिर पुलिसकर्मी का फोन आया और बताया गया कि शिवकुमार की तबीयत खराब हो गई है। हरगोविंद का आरोप है कि जब वे खंभारखेड़ा के पास पहुंचे तो शिवकुमार सड़क किनारे बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। उनका कहना है कि कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

लापरवाही और धन मांगने का भी आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि रास्ते में युवक की तबीयत बिगड़ी थी तो उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने के बजाय अकेला क्यों छोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि थाने में समझौते के नाम पर धन की मांग की गई थी। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं युवक अपने साथ पहले से कोई जहरीला पदार्थ तो नहीं लाया था, जिसका सेवन उसने रास्ते में किया हो। पुलिस संबंधित युवती से भी पूछताछ करेगी, जिसकी शिकायत के आधार पर युवक को थाने बुलाया गया था।
अधिकारियों का बयान
अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) पवन गौतम ने बताया कि युवक का चालान करने से पहले मेडिकल परीक्षण कराया गया था। न्यायालय ले जाते समय उसकी तबीयत बिगड़ने पर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस पर धन मांगने के लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाएगी। एसपी ने कहा कि पोस्टमार्टम तथा फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल चिकित्सकों ने मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण आवश्यक नमूने सुरक्षित रखे हैं। अब पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पूरे मामले पर पुलिस और प्रशासन की नजर बनी हुई है।

