विश्व सेवा संघ, संवाददाता अभय पाण्डेय
लखीमपुर खीरी। समाजवादी पार्टी (सपा) के जिलाध्यक्ष रामपाल यादव के नेतृत्व में गुरुवार को पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सपा नेताओं ने छात्र आंदोलनों, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, बेरोजगारी और जौहर विश्वविद्यालय रामपुर से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
सपा नेताओं ने कहा कि लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके आंदोलनों पर बल प्रयोग किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
ज्ञापन में जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के 38 भवनों को ध्वस्त किए जाने के आदेश का भी विरोध किया गया। पार्टी का कहना है कि इस फैसले से वहां अध्ययनरत हजारों छात्रों का भविष्य संकट में पड़ सकता है। सपा ने विश्वविद्यालय की तकनीकी कमियों को दूर कर उसका संचालन जारी रखने की मांग की।
इसके अलावा पार्टी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग उठाई। साथ ही पेपर लीक और बेरोजगारी से निराश होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता देने की भी मांग की गई।
सपा ने केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े लगभग 22 लाख पदों पर समयबद्ध भर्ती कैलेंडर जारी करने, बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने तथा गरीब और जरूरतमंद छात्रों के लिए सस्ती एवं सुलभ शिक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगी।

