विश्व सेवा संघ, संवाददाता
कृषि विभाग द्वारा विकास खंड बढ़नी परिसर स्थित मीटिंग हॉल में “त्वरित मक्का गोष्ठी/मिलेट्स प्रशिक्षण एवं विकास खंड स्तरीय खरीफ गोष्ठी-प्रशिक्षण कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि श्री सिद्धार्थ चौधरी रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत सहायक विकास अधिकारी श्री रामसेवक द्वारा किसानों को मोटे अनाज (मिलेट्स) के महत्व की जानकारी देकर की गई। उन्होंने बताया कि मोटा अनाज मानव स्वास्थ्य के लिए अमृत तुल्य है तथा इसके सेवन से अनेक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने मिलेट्स के पोषण मूल्य एवं उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
खंड तकनीकी प्रबंधक श्री विशाल सिंह ने किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के प्रयोग, उनके लाभ तथा संतुलित उर्वरक प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। वहीं, प्राविधिक सहायक (ग्रुप-3) श्री विनय चौधरी ने खेती-किसानी को सरल एवं लाभकारी बनाने के उपायों के साथ-साथ प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों की विस्तार से जानकारी प्रदान की।
सहायक तकनीकी प्रबंधक श्री कृष्णवीर ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड की उपयोगिता, मिट्टी परीक्षण के लाभ तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार उर्वरकों के संतुलित प्रयोग के संबंध में जागरूक किया। सहायक तकनीकी प्रबंधक श्री शक्ति प्रताप सिंह ने फार्मर रजिस्ट्री एवं किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां किसानों को उपलब्ध कराईं।
गोदाम प्रभारी श्री कन्हैयालाल ने बीज बुकिंग, उपलब्ध बीजों, कृषि रक्षा रसायनों की उपलब्धता एवं उन पर मिलने वाली छूट के संबंध में जानकारी दी। वहीं, सहायक तकनीकी प्रबंधक श्री अवधेश उपाध्याय ने फसल बीमा, फसल सुरक्षा, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा आत्मा योजना सहित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि श्री सिद्धार्थ चौधरी द्वारा किसानों को मोटा अनाज एवं हरी खाद के बीजों के मिनी किट का वितरण भी किया गया।
इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री राजेश पाठक, श्री राजेश सिंह, श्री संजय जायसवाल, सीआरपी श्री दीनानाथ पाठक, सीआरपी श्री पंकज पांडेय, सीआरपी श्री मिथिलेश, सीआरपी श्री रामप्रीत, सीआरपी श्री अटल बिहारी, एफपीओ निदेशक श्री जगन्नाथ पांडेय सहित विकास खंड के विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, पोषणयुक्त फसलों के उत्पादन तथा विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाना रहा।
