विश्व सेवा संघ, संवाददाता

लखीमपुर खीरी। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन मंगलवार को अवकाश होने के बावजूद जिले के अधिकांश सरकारी कार्यालय खुले रहे। दिन भर दफ्तरों में आम जनता की बजाय बजट खपाने और हिसाब-किताब निपटाने की कवायद चलती रही। कहीं शत-प्रतिशत बजट खर्च करने की होड़ रही तो कहीं बचे हुए बजट को वापस करने के लिए फाइलें दौड़ती रहीं।

विकास भवन में समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, कृषि, सहकारिता, लघु सिंचाई, मनरेगा, डीएसटीओ, डीपीआरओ, विकास विभाग, आरईएस, जनजाति और मत्स्य विभाग समेत कई कार्यालय खुले रहे। कुछ जगहों पर दोपहर तक काम निपट गया, जबकि कई विभागों में देर शाम तक कर्मचारी जुटे रहे।

कलक्ट्रेट परिसर में श्रम, पूर्ति, प्रोवेशन और एआईजी स्टांप सहित अधिकांश कार्यालयों में बजट का मिलान चलता रहा। अधिकारी यह आंकलन करते रहे कि कितना बजट आया और कितना खर्च हुआ। शेष राशि को कहां और कैसे समायोजित किया जाए, इसे लेकर मंथन चलता रहा। पूरे दिन कोषागार पर सबसे अधिक दबाव रहा।

नहीं आए पर्याप्त आवेदन, लौटेगा बजट

जिला समाज कल्याण विभाग से करीब 1.44 करोड़ रुपये का बजट वापस किया जा रहा है। इसमें शादी अनुदान के 84 लाख, सामूहिक विवाह के 51 लाख और अत्याचार उत्पीड़न मद के करीब नौ लाख रुपये शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार योजनाओं के लिए पर्याप्त आवेदन न मिलने से बजट खर्च नहीं हो सका। इधर पंचायत विभाग में भी करीब 25 से 30 हजार रुपये वापस होने की बात सामने आई है। वहीं बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य समेत कई अन्य विभागों में भी बचा बजट लौटाने की प्रक्रिया देर शाम तक जारी रही।

अवकाश में भी खुला पालिका काउंटर, चार लाख की वसूली

मार्च क्लोजिंग के चलते नगर पालिका ने महावीर जयंती के अवकाश के बावजूद काउंटर खोलकर हाउस टैक्स और वाटर टैक्स की वसूली जारी रखी। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने बताया कि राजस्व लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई। ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यमों से करीब चार लाख रुपये की वसूली हुई। अवकाश के दिन भी काउंटर खुलने से करदाताओं को सुविधा मिली और उन्होंने समय रहते टैक्स जमा किया। पालिका प्रशासन का कहना है कि आगे भी इस तरह की व्यवस्थाएं जारी रखी जाएंगी, ताकि राजस्व संग्रह बेहतर हो सके।

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"चाटुकारिता नहीं पत्रकारिता ✍️✍️"

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