बड़े पैमाने पर स्मैक कारोबार का आरोप, बर्बाद हो रही युवा पीढ़ी
कई बार खबरें प्रकाशित होने के बाद भी कार्रवाई नहीं, सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल
विश्व सेवा संघ, संवादाता
बढ़नी। सिद्धार्थनगर जनपद के ढेबरुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत मधवानगर गांव इन दिनों स्मैक कारोबार को लेकर चर्चा में है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते क्षेत्र में नशे का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक स्मैक का नेटवर्क फैल चुका है, जिसकी चपेट में बड़ी संख्या में युवा आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार बढ़नी क्षेत्र में पहले भी स्थानीय पुलिस एवं एसएसबी द्वारा कुछ छोटे कारोबारियों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की गई थी। हालांकि जेल से छूटने के बाद कई लोग दोबारा इसी धंधे में सक्रिय बताए जा रहे हैं। बीते कुछ माह पहले नगर पंचायत बढ़नी में भी स्मैक कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज कराया था, जिसके बाद मामला काफी चर्चा में रहा। इस दौरान स्मैक कारोबार से जुड़े कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।
बताया जा रहा है कि पुलिस की बढ़ी सक्रियता के बाद स्मैक कारोबारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों को अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया है। वर्तमान में मधवानगर गांव का नाम सबसे अधिक चर्चा में है। ग्रामीणों का कहना है कि सरयू नहर से लेकर ब्लॉक मुख्यालय के आसपास तक दिन-रात बाहरी लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इनमें कई नेपाली नागरिकों के भी शामिल होने की बात कही जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार गांव और आसपास के क्षेत्रों में नशेड़ियों की गतिविधियों के कारण महिलाओं और युवतियों में भय का माहौल है। खेत-खलिहान और बाजार आने-जाने में लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वहीं बाइक चोरी, छीना-झपटी और घरों में चोरी जैसी घटनाओं में भी वृद्धि होने की बात सामने आ रही है।
कुछ ग्रामीणों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि गांव में कुछ लोग लंबे समय से नशे के कारोबार में संलिप्त हैं और नेपाल तक अपना नेटवर्क फैलाकर बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसे लोगों को गांव, समाज और बर्बाद होती युवा पीढ़ी की कोई चिंता नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस मामले को लेकर खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करों के खिलाफ सख्त अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके।
