विश्व सेवा संघ, संवाददाता
लखीमपुर खीरी। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जिले की रैंकिंग खराब आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने समीक्षा बैठक में लापरवाही सामने आने पर चार अधिकारियों का वेतन रोकने के साथ छह अधिकारियों को चेतावनी नोटिस जारी किए हैं। इस कार्रवाई के बाद विभिन्न विभागों में हड़कंप मचा हुआ है।
सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान पाया गया कि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा विकास कार्यों का बजट समय से खर्च नहीं किया गया, जिससे कई योजनाएं प्रभावित रहीं। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत, फर्नीचर व्यवस्था और अन्य कार्यों में भी अपेक्षित प्रगति नहीं मिली। अधिकारियों की लापरवाही के चलते जिले की रैंकिंग पर सीधा असर पड़ा।
इसके अलावा मनरेगा योजना में मानव दिवस का लक्ष्य पूरा न होने और स्वास्थ्य विभाग में जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को समय पर भुगतान न किए जाने पर भी नाराजगी जताई गई। इन विभागों को डैशबोर्ड पर डी-ग्रेड मिलने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण, उपायुक्त मनरेगा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी का वेतन रोक दिया गया है।
वहीं जल निगम, जिला पंचायत राज विभाग और लोक निर्माण विभाग के तीनों अधिशासी अभियंताओं को कार्यों की धीमी प्रगति के कारण बी-ग्रेड मिला है, जिस पर उन्हें चेतावनी जारी की गई है। फैमिली आईडी योजना में खराब प्रदर्शन को लेकर सभी खंड विकास अधिकारियों तथा नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को भी नोटिस भेजे गए हैं।
सीडीओ अभिषेक कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कर जिले की रैंकिंग सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि प्रगति में सुधार नहीं हुआ तो आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
