विश्व सेवा संघ, संवादसूत्र

लखीमपुर-खीरी के भीरा वन रेंज अंतर्गत सिमरिया गांव में 25 संरक्षित गिद्धों की सामूहिक मौत का मामला सामने आने के बाद वन विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर घटना की जांच तेज कर दी गई है और उच्च स्तरीय टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

सोमवार को लखनऊ से उत्तर प्रदेश वन निगम के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक संजय पाठक के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि गिद्धों की मौत किसी अत्यंत जहरीले कीटनाशक के कारण हुई है।

जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले दुधवा बफर जोन के मीरा रेंज क्षेत्र में ये सभी गिद्ध मृत अवस्था में पाए गए थे। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि खेतों में चावल के साथ जहरीला पदार्थ मिलाकर डाला गया था, जिससे कई कुत्तों की भी मौत हो गई थी।

बताया जा रहा है कि सिमरिया गांव के पास एक मृत कुत्ता खेत में पड़ा मिला था। संभावना जताई जा रही है कि उसी कुत्ते को खाने के बाद गिद्ध जहर के प्रभाव में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई।

मौके पर पहुंची टीम में दुधवा के निदेशक राजामोहन और फील्ड डायरेक्टर सुन्दरेशा भी शामिल रहे। इससे पहले भी वन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए थे।

वन विभाग ने ग्रामीणों से बातचीत कर सख्त चेतावनी दी है कि इस तरह की लापरवाही या जानबूझकर जहर फैलाने की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, केंद्रीय वन मंत्रालय ने भी इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट तलब की है।

फिलहाल, गिद्धों की मौत के वास्तविक कारण का खुलासा भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) की विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

By District Reporter Lakhimpur Kheri

"चाटुकारिता नहीं पत्रकारिता ✍️✍️"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *