विश्व सेवा संघ,न्यूज टीम

उत्तर प्रदेश सरकार ने दुधवा नेशनल पार्क में गैंडों और अन्य वन्य जीवों के संरक्षण के लिए नई योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत 1.5 करोड़ रुपए की लागत से दो नए पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

भारत-नेपाल सीमा पर स्थित दुधवा नेशनल पार्क 490.3 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। यह पार्क बारहसिंघा, बाघ, गैंडा, तेंदुआ और हाथी का प्राकृतिक निवास स्थल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्क की जैव विविधता के संरक्षण के लिए इस परियोजना को स्वीकृति दी है।

नए पुनर्वास केंद्र मौजूदा आरआरसी-1 और आरआरसी-2 के मॉडल पर विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों में गैंडों को खुला वन क्षेत्र उपलब्ध होगा। यहां उनकी विशेष निगरानी की जाएगी। इससे गैंडों की स्वाभाविक जीवन शैली बरकरार रहेगी।

परियोजना के लिए स्वीकृत 1.5 करोड़ रुपए का बंटवारा इस प्रकार है। गैंडों के प्राकृतिक आवास के रखरखाव पर 1.27 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वन्य जीवों की दवाओं पर 7 लाख रुपए निर्धारित किए गए हैं। निर्माण कार्य पर 4.8 लाख रुपए और छोटे ढांचे पर 3 लाख रुपए खर्च होंगे।

मशीनों और निगरानी उपकरणों के लिए 7 लाख रुपए आवंटित किए गए हैं। ये केंद्र गैंडों के अवैध शिकार और व्यापार पर रोक लगाएंगे। इससे निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ होगी। यह योजना गैंडों की आबादी में वृद्धि के साथ-साथ दुधवा की जैव विविधता को भी समृद्ध करेगी।

By District Reporter Lakhimpur Kheri

"चाटुकारिता नहीं पत्रकारिता ✍️✍️"

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