संगठन पदाधिकारियों ने पांच बिंदुओं पर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन खण्ड विकास अधिकारी को देते हुए,
कार्यकाल बढ़ाने, लम्बित भुगतान कराने सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रखीं मांग
विश्व सेवा संघ संवाददाता
अर्जुन यादव
बढ़नी/सिद्धार्थनगर- उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने की आहट के साथ ही ‘गांव की सरकार’ और ‘प्रदेश की सरकार’ के बीच रार खींच गई है। जनपद के राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रधानों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हुंकार भरी। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ग्राम प्रधानों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित न किया जाए।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्रा ने प्रधानों में जोश भरते हुए कहा, “हमने अपने खून-पसीने से गांवों को सींचा है। जब तक अगले चुनाव नहीं हो जाते, तब तक प्रधान खुद को ही प्रधान समझें।” उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी एक सोची-समझी साजिश के तहत ग्राम प्रधानों की जगह कर्मचारियों को प्रशासक बनाना चाहते हैं।
डॉ. मिश्रा ने कहा, “यदि अधिकारियों या कर्मचारियों को प्रशासक बनाया गया, तो ग्राम विकास के पैसे का बंदरबांट (भ्रष्टाचार) होगा। अगर सरकार ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त करती है, तो इससे सरकार का कोई नुकसान नहीं होगा और गांव का विकास सुचारू रूप से चलता रहेगा।”
प्रदेश उपाध्यक्ष ताकिब रिज़वी की उपस्थिति में संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक 5-सूत्रीय मांग पत्र जारी किया है। मांग पत्र की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- 26 मई 2026 के बाद यदि चुनाव नहीं होते हैं, तो वर्तमान प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए या उन्हें ही प्रशासक नियुक्त किया जाए।
- मनरेगा और ग्राम निधि का लंबित भुगतान तत्काल किया जाए।
- कार्यकाल समाप्ति के डर से अधिकारी प्रधानों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं, जिस पर रोक लगे।
- ग्राम पंचायतों में बढ़ती ठेकेदारी प्रथा को तत्काल बंद किया जाए।
- ग्राम पंचायतों का प्रशासनिक शोषण बंद हो।
जनपद के 14 ब्लॉकों के 1136 ग्राम प्रधानों का प्रतिनिधित्व करते हुए संगठन ने कहा कि ग्राम विकास के खातों में पैसा रोके रखना विकास विरोधी कदम है। इस अवसर पर यशोदानंद मिश्र , सुनील सिंह, अनिल कुमार पांडेय अजय प्रताप यादव, दिलीप कुमार पांडेय, रघुनाथ चौधरी, कमलेश कुमार उर्फ रिंकू चौधरी, शिवा तिवारी, रामसूरत यादव, राधेश्याम शर्मा, मुजीबुर्रहमान, अलीमुल्लाह, किस्मत अली, रामजी यादव , मो० मुस्तफा, बब्बू, विजय कुमार साहू, राजकुमार मौर्य, इमरान, अशोक कुमार अग्रहरि, शिव कुमार साहनी, वीरेन्द्र जयसवाल, साहिल खान, महेंद्र निषाद, गुलाम रसूल, शत्रुघ्न यादव सहित बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
