विश्व सेवा संघ, संवादाता

लखीमपुर खीरी। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत चलाए जा रहे प्रयासों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिससे वे खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को आईटीआई परिसर में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका थीम “कौन बनेगा बिजनेस लीडर” रखा गया। कार्यक्रम में विकास खंड कुंभी, फूलबेहड़ और लखीमपुर की करीब 250 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने अपने हुनर का प्रदर्शन करते हुए पापड़, अचार और कपड़े के बैग जैसे उत्पादों के स्टॉल लगाए। इन उत्पादों को लोगों ने सराहा और महिलाओं का उत्साह भी बढ़ा। समूह की सदस्य कनक लता ने अपने उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए एक स्थायी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।

मुख्य अतिथि जिला उपायुक्त एनआरएलएम जितेंद्र मिश्रा ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में नौकरी के अवसर सीमित होते जा रहे हैं, ऐसे में स्वरोजगार ही सफलता का बेहतर विकल्प है। उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे न केवल खुद व्यवसाय शुरू करें, बल्कि अपने बच्चों को भी उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित करें।

कार्यक्रम में रूपाली, उमेश कुमार, संदीप उपाध्याय, मयंक मिश्रा, अनिकेत यादव, ममता सक्सेना, शशि बाला और दीप्ति सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

एनआरएलएम के इस अभियान से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई उम्मीद जगी है, जो उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से आगे बढ़ा रही है।

By District Reporter Lakhimpur Kheri

"चाटुकारिता नहीं पत्रकारिता ✍️✍️"

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