विश्व सेवा संघ समाचार | सिद्धार्थनगर
बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सिद्धार्थनगर जनपद में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारत सरकार के राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPID) एवं जय वकील फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से संचालित ‘दिशा अभियान’ के अंतर्गत विशेष रूप से तैयार की गई वर्कबुक्स का वितरण किया गया।’दिशा अभियान’
इस अभियान को सफल बनाने में जिला समन्वयक समेकित शिक्षा करुणापति त्रिपाठी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके सतत प्रयासों एवं प्रभावी निर्देशन के परिणामस्वरूप जिले के बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिली है।
अभियान के तहत सिद्धार्थनगर जनपद को कुल 130 सेट विशेष वर्कबुक्स प्राप्त हुई हैं, जिन्हें चयनित बच्चों के बीच वितरित किया गया। इनमें विकास खंड मिठवल के लिए 50 सेट तथा विकास खंड बांसी के लिए 80 सेट उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रत्येक सेट में 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए छह विशेष वर्कबुक्स शामिल हैं। इन पुस्तिकाओं को बच्चों की बौद्धिक क्षमता एवं सीखने की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इनमें पूर्व-पठन एवं पूर्व-लेखन कौशल, रेखाएं खींचना, पकड़ मजबूत करना, व्यावहारिक गणित, संज्ञानात्मक विकास, दैनिक जीवन के आवश्यक कार्य जैसे ब्रश करना, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा सामाजिक एवं पर्यावरणीय जागरूकता से संबंधित गतिविधियां शामिल हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार, इन विशेष वर्कबुक्स के माध्यम से बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के सीखने की क्षमता में सुधार होगा, आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा वे दैनिक जीवन के कार्यों में अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे। यह पहल समावेशी शिक्षा को मजबूत करने और प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

