मैलानी – नानपारा की ट्रेने बंद, यात्री परेशान

विश्व सेवा संघ, संवाददाता अभय पाण्डेय

पलिया कलां (खीरी) – तराई के नगर व ग्रामीण क्षेत्रों की बदनसीबी कहें या फिर यहां के नेताओं की गंदी राजनीति कहें जो आया वह अपना ही पेट भरता रहा और सोचता रहा। इस क्षेत्र में क्या समस्या है जानना तो दूर की बात बस राजनितिक रोटिया सेक कर चमकता चला गया है।ब्रॉड गेज ट्रेनों के संचालन का सपना देखते-देखते मीटर गेज ट्रेनों का संचालन भी बंद हो गया। इससे इलाके के लोगों में ट्रेन नहीं तो वोट नहीं’ का नारा तेज, आक्रोश की झलक साफ दिखाई दे रही है।

मैलानी नानपारा छोटी लाइन की ट्रेनों का संचालन बंद होने से जहां व्यापार पर गहरा असर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। वहीं दूसरी तरफ इससे जुड़े लोगों के घर भी बर्बाद हो गए। मैलानी से नानपारा जाने तक लोगों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। अब सवाल उठता है कि किसी को मिहिपुरुवा, ककराहा मुर्तिहा निसानगाढा, बिछिया मझरापूरब, खैरहटिया बाध रोड़ तिकुनिया, बेलराया, दुधवा से जयपुर दिल्ली बरेली, लखनऊ हरिद्वार देहरादून अयोध्या जाना है तो इस जगह से रेल की सेवा बिल्कुल भी नहीं है। वही कुछ निजी डग्गामार वाहनो से ही धक्के खाते हुए अपनी जान जोखिम में डाल कर सफर पूरा करना पड़ता है अति पिछड़े तराई क्षेत्र को देखते हुए ही मैलानी भीरा, पलिया से होते हुए बेलरायां, तिकुनियां, बिछिया मिहिपुरवा नानपारा तक छोटी लाइन का संचालन हो रहा था जिससे इलाके के ग्रामीणों व व्यापारियों का परिवार पल रहा था।

ट्रेनों का संचालन बंद होने से तराई का इलाका पूरी तरह से बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। ब्रॉड गेज ट्रेनों के संचालन का सपना संजोए हुए लोगों पर मीटर गेज ट्रेनों का संचालन बंद होने से परेशान जनता अपने जनप्रतिनिधियों की तरफ आस लगाए बैठी है। लोगों ने ट्रेन नहीं तो वोट नहीं का मन बना लिया है। जगह जगह पोस्टर भी लगा कर विरोध जताना शुरू कर दिया है। ट्रेनों का संचालन बंद होने से इलाके के लोग अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ सरकार को तमाम पत्र तथा सोशल मीडिया एवं एक्स पर ख़बरें फोटो डालकर जागरूक कर संदेश पहुंचा रहे हैं।

वही क्षेत्रों के लोगों का आरोप है कि मानसून सत्र में पलिया भीरा रेल लाइन कटने से कुछ दिनों के लिए ट्रेनों का संचालन बंद किया गया था लेकिन महीनों बीतने के बाद भी अभी तक ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं किया।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि ट्रेनों का संचालन बंद होने से इलाके के लोगों से उनका हक, छीनने जैसा है कारोबार तथा धंधे पूरी तरह चौपट हो चुके हैं हमें ब्राड गेज लाइन का लॉलीपॉप न दिया जाए। ट्रेनों का संचालन बंद होने से इलाका काफी पिछड़ गया है और व्यापार चौपट होता जा रहा है। निजी डग्गामार बसों पर मनमाना किराया वसूला जाता है। हम सभी लोगों को मिलकर ट्रेन नहीं तो वोट नहीं की आवाज उठानी चाहिए चुप नहीं रहेंगे।

विरेन्द्र कुमार गुप्ता व्यापारी पलिया का कहना है कि अगर हम लोगों के अधिकारों का हनन होगा तो हम लोग ट्रेनों का संचालन बंद होने से हम लोगों की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। व्यापार ठप हो गए हैं।

राजीव गुप्ता रेल बचाओ संचालक का मानना है कि ट्रेन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। इनका संचालन बंद होना हमारे अधिकारों का हनन है। जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि हवा हवाई बातों से ऊपर उठकर जमीनी हकीकत को समझे ।

By Abhay Pandey

"चाटुकारिता नहीं पत्रकारिता ✍️✍️"

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