विश्व सेवा संघ, संवादाता अजय मौर्य
पलियाकलां। बेलाकलां ग्राम पंचायत में लाखों रुपये की लागत से बनीं दो-दो पानी की टंकियां शोपीस बनकर रह गई हैं। पांच साल से शुद्ध पानी का इंतजार कर रहे ग्रामीणों का सब्र सोमवार को जवाब दे गया और उन्होंने चौराहे पर प्रदर्शन कर विभाग और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब पांच वर्ष पहले जल निगम ने प्राथमिक विद्यालय के पास पहली टंकी बनवाई थी, लेकिन आज तक उससे जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। इसके बाद जल जीवन मिशन के तहत बेला टापर मजरे में दूसरी टंकी बना दी गई और पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को भी खोद दिया गया, लेकिन घरों तक पानी नहीं पहुंचा।
स्थिति यह है कि टंकियां लगी हुई हैं, लेकिन ग्रामीण आज भी ऑर्सेनिक युक्त दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। इससे क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान से लेकर जिला स्तर तक कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
