24 जुलाई के जनपदव्यापी हरिशंकरी अभियान को सफल बनाने के लिए अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण
सिद्धार्थनगर। लोकभारती एवं जिला प्रशासन, सिद्धार्थनगर के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 24 जुलाई को आयोजित होने वाले बृहद हरिशंकरी (पीपल, बरगद एवं पाकड़) वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों के क्रम में मंगलवार को विकास खण्ड बढ़नी के ब्लॉक सभागार में तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक खंड विकास अधिकारी, बढ़नी अनीशि मणि पांडेय के निर्देशानुसार सम्पन्न हुई तथा इसकी अध्यक्षता एडीओ पंचायत ने की। बैठक का उद्देश्य हरिशंकरी पौधरोपण अभियान को केवल वृक्षारोपण तक सीमित न रखकर जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का जनआंदोलन बनाना रहा।
हरिशंकरी पौधरोपण की सही विधि का दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
बैठक में लोकभारती के ब्लॉक संयोजक सुनील कुमार चौधरी ने पीपल, बरगद एवं पाकड़ के पौधों को एक साथ लगाने की वैज्ञानिक एवं पारंपरिक विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमो) किया। उन्होंने बताया कि हरिशंकरी केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, भू-जल संरक्षण तथा स्वच्छ वायु के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने पौधरोपण के दौरान गड्ढे की उचित गहराई, पौधों की सही दूरी, जीवामृत एवं घन जीवामृत जैसे जैविक खाद के प्रयोग, पौधों को सहारा देने, समय-समय पर सिंचाई करने तथा पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड अथवा बाड़ लगाने की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी।

“पौधा लगाना ही नहीं, उसे बचाना भी हमारी जिम्मेदारी”
सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि किसी भी अभियान की सफलता केवल पौधों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके जीवित रहने की दर से तय होती है। इसलिए प्रत्येक ग्राम पंचायत, सरकारी कार्यालय, विद्यालय, पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र एवं सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाने वाले हरिशंकरी पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी से कम से कम एक हरिशंकरी समूह के संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।
सबल संस्थान ने की जनभागीदारी की अपील
सबल संस्थान के सचिव दीनानाथ ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधे के संरक्षण का दायित्व निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, स्वस्थ एवं हरित वातावरण प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने लोकभारती द्वारा चलाए जा रहे अभियान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।
एडीओ कृषि ने बताए हरिशंकरी के पर्यावरणीय लाभ
एडीओ कृषि राम सेवक यादव ने कहा कि पीपल, बरगद एवं पाकड़ जैसे वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता को संरक्षित करने, मिट्टी एवं जल संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी विभागों, ग्राम पंचायतों एवं सामाजिक संगठनों से 24 जुलाई के अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने का आह्वान किया।

एडीओ पंचायत ने किया धन्यवाद ज्ञापित
कार्यक्रम के अंत में एडीओ पंचायत ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए 24 जुलाई को अधिक से अधिक हरिशंकरी पौधरोपण कर अभियान को सफल बनाने की अपील की।
विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित
बैठक में मोहम्मद नियाज (ग्राम पंचायत अधिकारी), शहीद सिराज (एपीओ), राम बिलास (एडीओ पंचायत), राम सेवक यादव (एडीओ कृषि), संतोष कुमार (एडीओ आईएसबी), शकील अहमद (ग्राम पंचायत अधिकारी), उदय प्रताप गौतम (ग्राम विकास अधिकारी), अवधेश यादव, दिलीप यादव, भानु सिंह (ग्राम पंचायत अधिकारी), उमेश कुमार (बीएमएम), कमलेश कुमार (बीएमएम), सानेरब (टीए), महेंद्र प्रसाद (लेखाकार), राजेश कुमार (ऑपरेटर), सबल संस्थान के सचिव दीनानाथ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, सफाई कर्मी, स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ, सामाजिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
24 जुलाई को जनपदभर में चलेगा हरिशंकरी वृक्षारोपण अभियान
बैठक में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में 24 जुलाई को अधिक से अधिक हरिशंकरी (पीपल, बरगद एवं पाकड़) का पौधरोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। लोकभारती एवं जिला प्रशासन का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से जनपद में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरण पैदा करना और अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण एवं संरक्षण से जोड़ना है।

