भ्रष्टाचार की पोल खोल रही धरातल पर क्रियान्वित योजनाएं, पंचायत भवन पर बनने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए ग्रामीण लगा रहे चक्कर
विश्व सेवा संघ संवाद सूत्र
बढ़नी – ग्राम पंचायतों में शासन की मंशा के अनुरूप जाति, आय निवास सहित अन्य प्रमाण पत्रों को बनवाने के लिए ग्रामीणों को तहसील या अन्य जगहों पर जाकर चक्कर लगाना न पड़ें इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायतों में लाखों की लागत से पंचायत भवन का निर्माण कराया गया है और उसकी देखरेख के लिए पंचायत सहायक भी रखे गये, जिसके बावत प्रत्येक माह पंचायत सहायक को समय से मानदेय तो मिल जाता है। लेकिन प्रायः पंचायत भवन पर ताला लटकते रहने की बात ग्रामीणों द्वारा बताई जा रही है। दर्जनों ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ग्राम पंचायत परसोहिया में कभी कभार पंचायत भवन का ताला खुलता है तथा किसी भी प्रकार का वहां कोई प्रमाण पत्र नहीं बनाया जाता है। कहा कि पंचायत भवन पर प्रायः ताला लटकता रहता है। ग्रामीणों को जाति, आय, निवास या अन्य कोई प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दर दर भटकना पड़ता है। कहा जाता है कि पंचायत भवन में बना सीएससी भी महज दिखावा है न तो मौके पर सचिव मिलते हैं और न ही पंचायत सहायक और ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की मॉनिटरिंग करने वाले खण्ड विकास अधिकारी के पास इतना समय नहीं है कि ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवनों की स्थिति का हकीकत जान सके, सारा मामला दफा सरपट घोड़े की तरह दौड़ रहा है। पता चला है कि उक्त ग्राम पंचायत में बना सामुदायिक शौचालय भी कभी कभार खुलता है और प्रधान के राहमोकरम पर केयर टेकर भी मौज काट रहे और प्रत्येक माह में सामुदायिक शौचालय में प्रयुक्त होने वाले सामग्री के मद का धन कौन डकार जाता है, जॉच का विषय है। बताते है कि ग्राम पंचायत में क्रियान्वित हुए विकास कार्यों की धरातलीय हकीकत मुंह चिढ़ा रही है, किन्तु क्षेत्र के दर्जनों बुद्धिजीवियों का कहना कि बीडीओ बढ़नी ऑफिस में बैठकर सचिवों के साथ मीटिंग करके अपने कर्तव्यों की इति श्री कर लेते है लेकिन शासन के मंशानुरूप ग्राम पंचायतों में व्याप्त अनियमितताओं को देखने और जनता पीड़ा को सुनने की उनके पास वक्त नहीं है बहरहाल क्षेत्र के दर्जनों बुद्धिजीवियों ने खंड विकास अधिकारी बढ़नी का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए ग्राम पंचायत की समस्याओं का निराकरण कराने की मांग की है, जिससे आम जनता को पंचायत भवन पर होने वाले कार्यों का लाभ मिल सके और सामुदायिक शौचालय का नियमित उपयोग हो सके। क्षेत्र में एक बड़ी बात सामने आ रही है कि ग्राम पंचायतों में सचिवों के उपस्थिति का रोस्टर क्या है किसी को मालूम नहीं है।
