विश्व सेवा संघ, संवाददाता
सरकार द्वारा गांवों के सर्वांगीण विकास, नाली–खड़ंजा निर्माण एवं साफ-सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल की शुरुआत की गई थी, ताकि आमजन अपनी समस्याएं सीधे शासन तक पहुंचा सकें और उनका समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण समाधान हो सके। लेकिन बढ़नी विकासखंड में जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ अधिकारी इस व्यवस्था को मजाक बनाकर रखे हुए हैं।
मामला ग्राम पंचायत घरुआर अंतर्गत ग्राम सभा मधवानगर का है, जहां निवासी अर्जुन यादव ने जिलाधिकारी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि त्रिलोकी यादव के घर के पास गांव का मुख्य सार्वजनिक मार्ग स्थित है, जहां नाली व ढक्कन टूटे हुए हैं। इसके कारण वहां लगातार जलजमाव बना रहता है, गंदगी व कीचड़ फैलता है और राहगीर आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उक्त समस्या को लेकर पूर्व में भी कई बार मौखिक एवं लिखित शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन समाधान करने के बजाय संबंधित अधिकारी अनर्गल व भ्रामक रिपोर्ट लगाकर शासन–प्रशासन एवं उच्चाधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं।
पूर्व में आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत संदर्भ संख्या 400184225004816 (दिनांक 05.04.2025) के निस्तारण में रिपोर्ट लगाई गई थी कि क्षतिग्रस्त नाली एवं ढक्कन को पंचायत घरुआर की वर्ष 2025-26 की पूरक कार्ययोजना में शामिल किया जा रहा है और धनराशि उपलब्ध होने पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, दिनांक 04.12.2025 को दर्ज शिकायत संख्या 92518400013375 के संदर्भ में एडीओ पंचायत एवं पंचायत सचिव द्वारा रिपोर्ट में लिखा गया कि नाली मरम्मत का कार्य योजना में शामिल नहीं है, लेकिन प्राथमिकता के आधार पर कार्य योजना में सम्मिलित कर मरम्मत कार्य पूर्ण कराया जाएगा।
दोनों रिपोर्टों में विरोधाभासी बातें सामने आ रही हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी खानापूर्ति कर वास्तविक समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं, जबकि यह समस्या पिछले चार वर्षों से बनी हुई है।
पीड़ित ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा पूर्व में जारी रिपोर्ट की अनदेखी करने और फर्जी आख्या लगाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध उच्च स्तरीय जांच एवं कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
