दोहरी नागरिकता धारकों व नव-धनबलियों पर कार्रवाई कब?

सिद्धार्थनगर | विश्व सेवा संघ संवाददाता – योगेन्द्र जायसवाल

सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ क्षेत्र सहित नेपाल से सटे सीमावर्ती इलाकों में इन दिनों बिना पंजीकरण के भूमि कारोबार करने वाले प्रॉपर्टी डीलरों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये कथित कारोबारी बेरोजगारी की आड़ में नेपाल के कुछ अवैध पूंजी निवेशकों को साझेदार बनाकर खुनुवा, कोटिया सहित अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जमीन की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं।बताया जा रहा है कि जमीन की प्लाटिंग के दौरान आसपास की सरकारी भूमि पर भी अवैध कब्जा कर लिया जाता है, जिसे बाद में ऊँची कीमतों पर बेचा जाता है।

इस पूरे खेल में कुछ नेपाली नागरिकों द्वारा अवैध रूप से आधार कार्ड बनवाकर भारतीय क्षेत्रों में जमीन खरीदने और कथित तौर पर स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों की मिलीभगत से भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। इससे भारतीय मूल के नागरिकों के अधिकारों का हनन हो रहा है।

गौरतलब है कि माननीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के अनुपालन में मंडल आयुक्त अखिलेश सिंह एवं पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) संजीव त्यागी, बस्ती परिक्षेत्र द्वारा पूर्व जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के साथ नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों का भ्रमण कर दोहरी नागरिकता धारकों और नव-धनबलियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं।

इसके बावजूद अब तक जमीनी स्तर पर किसी ठोस कार्रवाई का न होना कई सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि सक्षम अधिकारियों के आदेशों के अनुपालन की जिम्मेदारी किस विभाग की है? क्या यह मामला केवल समीक्षा बैठकों की फाइलों तक ही सीमित रह गया है? और आखिर दोहरी नागरिकता धारकों व अवैध रूप से उभरे धनबलियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?जनता अब जिला प्रशासन से इस गंभीर मामले में ठोस और पारदर्शी कार्रवाई की अपेक्षा कर रही है।

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