विश्व सेवा संघ, संवादसूत्र
लखीमपुर खीरी के चर्चित फरधान सामूहिक दुष्कर्म कांड का मुख्य आरोपी एक लाख रुपये का इनामी तालिब उर्फ आजम खां (26 वर्ष) को सुल्तानपुर जिले के लंभुआ कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया। यह मुठभेड़ लखीमपुर खीरी और सुल्तानपुर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन का परिणाम रही। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। घायल होने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
मुठभेड़ के दौरान हुई ताबड़तोड़ फायरिंग
सूत्रों के अनुसार, लखीमपुर खीरी पुलिस को सूचना मिली थी कि दुष्कर्म कांड के बाद से फरार चल रहा आरोपी तालिब उर्फ आजम सुल्तानपुर में है। पुलिस की एक विशेष टीम उसकी ट्रैकिंग कर रही थी। जैसे ही उसका ठिकाना सुल्तानपुर के लंभुआ कोतवाली क्षेत्र में पाया गया, पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक उसे आत्मसमर्पण करने का कहा, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से तालिब गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
फरधान सामूहिक दुष्कर्म कांड
लखीमपुर खीरी जिले के फरधान थाना क्षेत्र में 15 दिसंबर को नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई। इस घटना ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया था। घटना के दो आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी थी। मुख्य आरोपी तालिब उर्फ़ आजम खां फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई बार छापेमारी की, लेकिन वह बचकर भागता रहा। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसके बाद उसकी तलाश में पुलिस ने लगातार दबिश दी।
फरधान क्षेत्र के गांव गौरिया का रहने वाला था तालिब
पुलिस के मुताबिक तालिब उर्फ आजम शातिर अपराधी था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ फरधान थाने में लूट, पास्को एक्ट एवं दुष्कर्म के छह मुकदमे दर्ज हैं। खीरी के अन्य थाना क्षेत्रों में हत्या की कोशिश, लूट, डकैती और हत्या जैसे गंभीर मामलों में कुल 17 मुकदमे दर्ज थे। तालिब की गांव में दहशत थी। वह अपने पिता का इकलौता पुत्र था। वह सिर्फ लखीमपुर खीरी में ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी अपनी आपराधिक गतिविधियों के लिए कुख्यात था।
