विश्व सेवा संघ, संवाददाता अभय पाण्डेय

लखीमपुर खीरी के धौरहरा क्षेत्र में क्रय केंद्रों से ओवरलोड गन्ना लादकर चीनी मिलों की ओर जाने वाले ट्रक हादसे का सबब बन सकते हैं। प्रशासन और यातायात विभाग की चेतावनी के बावजूद इन पर कोई प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। स्थानीय लोग बताते हैं कि हर गन्ना सीजन में ओवरलोड ट्रक सड़कों पर फर्राटा भरते नजर आते हैं और आम लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।

धौरहरा क्षेत्र में गन्ना सीजन शुरू होते ही कफारा, धौरहरा, बसंतापुर, ईसानगर, खमरिया और सिसैया मार्गों पर ओवरलोड गन्ना भरे ट्रकों की भरमार हो जाती है। पुलिस प्रशासन और यातायात विभाग भले ही प्रतिदिन ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का दावा करते हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। धौरहरा कस्बे के मुकेश गुप्ता, सुरेंद्र दीक्षित, रमेश रस्तोगी, सुदीप निगम सिप्पू कफारा के कौशल तिवारी, राकेश मिश्रा,कुलबीर सिंह, आदि का कहना है कि इन ट्रक मालिकों को आखिर ऐसा कौन सा विशेष अधिकार मिला है, जिसके चलते इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती।

बीते साल जनवरी में ओवरलोड गन्ना ट्रक पलटने से गई थी दो बच्चों की जान

बीते साल 13 जनवरी को देवीपुरवा गन्ना सेंटर से ओवरलोड गन्ना भरकर ऐरा चीनी मिल जा रहा ट्रक टेगनहा गांव में एक गुमटी पर पलट गया था। हादसे में गुमटी के नीचे दबकर दो मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद ग्रामीणों के आक्रोश और प्रदर्शन के चलते प्रशासन ने कुछ सख्ती दिखाई थी और कई ट्रकों को सीज भी किया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में व्यवस्था फिर पुराने ढर्रे पर लौट आई।
इसी क्रम में 30 दिसंबर को ओवरलोड गन्ना भरे ट्रक ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी थी, जिससे बाइक पर बैठी महिला के दोनों पैर कट गए। महिला का इलाज अभी भी चल रहा है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं से क्षेत्रीय लोगों में गहरा रोष है। लोगों ने प्रशासन से ओवरलोड गन्ना भरे ट्रकों के खिलाफ सख्त और स्थायी कार्रवाई की मांग की है।

सीओ धौरहरा शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि ओवरलोड गन्ना और भूसी भरे ट्रकों के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। जो भी वाहन ओवरलोड गन्ना भरे मिले, उनका चालान किया जाएगा।

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