विश्व सेवा संघ संवाद सूत्र

सिद्धार्थनगर- बेमौसम बरसात से जहां कुछ किसानों को फायदा मिला तो वहीं काफी किसानों के फसलों का भारी नुकसान भी हुआ है। जिसमें जिले का घोषित ओडीओपी कालानमक धान के साथ आलू की फसल काफी प्रभावित हुआ है।बुधवार के दिन देर रात से शुरू हुआ बूंदाबांदी गुरुवार और शुक्रवार को दिन भर पानी बरसा, ‌जिससे जनजीवन प्रभावित होने के साथ जल्द में बुबाई की गयी। किसानों की फसल व खेत में खड़ी कालानमक धान की फसल काफी प्रभावित हुआ है। हालांकि बारिश से किसानों को फायदा भी हुआ है, क्योंकि गेहूं की बुवाई के लिए किसानों को खेतों में पानी नहीं चलाना पड़ेगा, खेतों में पर्याप्त नमी मिल गयी है। सबसे ज्यादा नुक्सान बड़े डीला का कालानमक धान जों परम्परागत व केएन3 प्रजाति का था, उसे हुआ है। क्योंकि पौधे का हाइट बड़ा होंने के कारण पौंधा खेतों में गिर गया। कालानमक धान के किसान अरुण कुमार उपाध्याय, सन्तराम चौधरी, रामनयन, संजय मिश्रा, रामचन्द्र चौरसिया नागेन्द्र उपाध्याय, फूलचन्द चौरसिया, गंगाराम प्रजापति आदि लोगों का कहना है कि अभी बड़े डीला के कालानमक का बाली निकल रहा था, करीब 80 प्रतिशत बालियां निकल गई थी। फसल गिरने से सब चौपट हो गया। एक तो इसका पैदावार बहुत कम होता है, उपर से पौधा गिर गया, जिससे भारी नुक़सान हुआ है। क्षेत्र के कालानमक धान की खेती करनें वाले किसानों के साथ आलू की बुवाई किये हुए किसानों ने जिला प्रशासन से मदद की उम्मीद किये है।

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